जब कोई इतना प्यारा लगे,
कि दिल हो जाये बेकाबू,
हर तरफ छाने लगे,
बस उसका ही जादू |
जब वो ही समाने लगे,
साँसों में तुम्हारी,
आँखों में हो कशिश,
और दिल में खुमारी |
हर वक़्त हो उससे,
मिलने कि तमन्ना,
आँखें चाहे तुम्हारी,
अनकहे कुछ कहना |
हर वक़्त उसका चेहरा,
बसा हो दिल में,
न लगे उस जैसा कोई ,
पूरी महफ़िल में |
उसकी आवाज़ को हरवक्त ,
बेताब हो दिल ,
उसी से जुडी लगी राहें,
वो लगे संगदिल |
तब समझो ...ए दिल ,
है ये वो प्यारा सा एहसास ,
जो होना ही था तुम्हे,
शायद एक बार |
इसके बिना ज़रूरत,
अधूरी तुम्हारी |
यही है..ए दिल ....,
मंजिल तुम्हारी....|
वो मंजिल तुम्हारी